​टूट​ जाता है ​गरीबी​ मे वो ​रिश्ता​ जो खास होता है

0
24

​टूट​ जाता है ​गरीबी​ मे
      वो ​रिश्ता​ जो खास होता है
हजारो यार बनते है
          जब ​पैसा​ पास होता है।
रोज़ ​याद​ न कर पाऊँ तो
​ खुदग़रज़​ ना समझ लेना
दरअसल छोटी सी ​जिन्दगी​ है।
और ​परेशानियां​ बहुत हैं
मैं ​भूला​ नहीं हूँ ​किसी​ को
मेरे बहुत ​अच्छे दोस्त है ज़माने में​
बस ​जिंदगी उलझी पड़ी​ है
​ दो वक़्त की रोटी कमाने में

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here