तेरह दिन पहले स्कूल बस से अगवा जुड़वा भाईयों के शव मिलने के बाद चित्रकूट में बवाल

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बांदा। विशेष सूत्रों 13 दिन पूर्व चित्रकूट के मध्य प्रदेश इलाके के सद्गुरू पब्लिक स्कूल से अगवा तेल व्यवसाई के दो जुडवां बच्चों की हत्या कर दी गई। उनके शव रविवार की सुबह मर्का थाना क्षेत्र के गांव बाकल के पास यमुना नदी से बरामद हुए। अगवा जुडवां भाइयों के शव बरामद होने के बाद धर्मनगरी चित्रकूट में लोगों में उबाल आ गया। व्यापारियों ने चित्रकूट में अपने सभी प्रतिष्ठान बंद कर दिए। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने लामबंद होकर जानकीकुंड परिसर में धावा बोल दिया। जानकीकुंड परिसर में पथराव किया गया। भीड़ को देखते हुए एमपी व यूपी दोनों तरफ का भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया है। लेकिन उग्र भीड़ ने पुलिस की गाड़ियों पर भी पथराव कर दिया। भीड़ पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोंड़े। इसके अलावा पुलिस ने लाठी चार्ज भी किया। बवाल को बढ़ता देख चित्रकूट सांसद भैंरो मिश्र भी पहुंचे। हाथ-पैर बांधकर मासूमों को जिंदा फेंका अपहरणकर्ता इतने क्रूर रहे कि दोनों मासूम बच्चों के हाथ पैर रस्सी व जंजीर से बांधकर जिंदा मर्का थाना क्षेत्र के औगासी गांव से करीब तीन किमी. दूर बाकल गांव के समीप देवी मंदिर के बगल से बह रही यमुना नदी में फेंक दिया था। इन शवों का बरामद करने के लिए सतना जिले की पुलिस के साथ यूपी एसटीएफ व इलाकाई थाना पुलिस भी रही। दो प्रांतों की पुलिस ने मिलकर मुख्य चार अपहरणकर्ताओं को पकड़ तो लिया था, लेकिन बच्चों को सकुशल नहीं बरामद कर सकी। मर्का एसओ जाकिर हुसैन ने बताया कि दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए है। बीते 12 फरवरी को चित्रकूट के सीतापुर निवासी बृजेश रावत के दो जुडवां बेटों प्रियांश व श्रेयांश का बाइक सवार दो बदमाशों ने स्कूल परिसर के अंदर से बस से उतारकर अपहरण कर लिया था। इसके बाद से यूपी, एमपी पुलिस के अलावा दोनों प्रांतों की एसटीएफ भी इन बच्चों की तलाश में जुट गई थी। एसटीएफ ने बांदा व चित्रकूट के चिन्हित चार अपहरणकर्ताओं में तीन को गिरफ्तार भी कर लिया। इन्हीं की निशानदेही पर रविवार सुबह पुलिस ने दोनों मासूमों के शव बरामद किए।
चित्रकूट से अगवा दोनों मासूम भाइयों को सकुशल दो प्रांतों की पुलिस भी नहीं बचा पाई जान । चार दिन पहले पुलिस की निगाह में चार अपहरणकर्ता चिन्हित हुए। जिनमें तीन को यूपी एसटीएफ ने दबोच लिया। तीनों की निशानदेही पर बच्चों की बरामदगी के प्रयास शुरू किए गए। गुडवर्क से उत्साहित एसटीएफ ने शनिवार की सुबह दावा किया कि बच्चे मुक्त हो रहे है। लेकिन शाम तक सुर बदल गए। वजह यह थी कि इन शातिरों को इन मासूमों को पहले ही मार दिया था। बच्चों के शव देखकर लग रहा है कि तीन दिन पुराने है।

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